वानखेड़े स्टेडियम भारत के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक क्रिकेट मैदानों में से एक है। यह महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में स्थित है और अपनी बैटिंग-फ्रेंडली पिच, तेज़ आउटफील्ड और हाई-स्कोरिंग मुकाबलों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। 2011 वर्ल्ड कप फाइनल से लेकर कई यादगार IPL और अंतरराष्ट्रीय मैचों तक, वानखेड़े स्टेडियम क्रिकेट प्रेमियों के दिल में खास जगह रखता है।
आइए इस पोस्ट में वानखेडे क्रिकेट स्टेडियम के पिच रिपोर्ट और आंकड़ों के बारे में जानते है।
वानखेड़े स्टेडियम – मुख्य जानकारी
| विवरण | स्टेडियम की जानकारी |
|---|---|
| नाम | वानखेड़े स्टेडियम |
| स्थान | मुंबई, महाराष्ट्र |
| स्थापना | 1974 |
| दर्शक क्षमता | लगभग 33,500 |
| पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय | भारत बनाम इंग्लैंड – 2012 |
| पहला वनडे अंतरराष्ट्रीय | भारत बनाम श्रीलंका – 1987 |
| पहला टेस्ट मैच | भारत बनाम वेस्टइंडीज – 1975 |
| पवेलियन छोर | चर्चगेट एंड और गरवारे एंड |
| होम टीम | मुंबई क्रिकेट टीम, टीम इंडिया |
| मालिक | मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) |
वानखेड़े स्टेडियम पिच रिपोर्ट
वानखेड़े स्टेडियम की पिच को आमतौर पर बल्लेबाज़ों के लिए मददगार माना जाता है। यहाँ गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है, जिससे रन बनाना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है।
पिच की खास बातें
- हार्ड और सपाट सतह
- लगातार उछाल (True Bounce)
- तेज़ आउटफील्ड
- छोटी बाउंड्री
- रात के मैचों में ओस अहम भूमिका निभाती है
T20 क्रिकेट पिच रिपोर्ट
- पावरप्ले में बल्लेबाज़ों का दबदबा
- शुरुआती ओवरों में तेज़ रन
- डेथ ओवर्स में बड़े शॉट्स
- ओस के कारण दूसरी पारी में गेंदबाज़ों को परेशानी
औसत पहली पारी स्कोर: 165–185 रन
नतीजा:
T20 क्रिकेट में वानखेड़े स्टेडियम को हाई-स्कोरिंग और बैटिंग-फ्रेंडली पिच माना जाता है।
वनडे क्रिकेट पिच रिपोर्ट
- शुरुआत में हल्की स्विंग
- सेट बल्लेबाज़ों को पूरा फायदा
- स्पिनर्स को सीमित मदद
- दूसरी पारी में चेज़ करना आसान
औसत पहली पारी स्कोर: 265–295 रन
नतीजा:
वनडे मुकाबलों में यह पिच पूरी तरह बल्लेबाज़ों के अनुकूल रहती है।
टेस्ट क्रिकेट पिच रिपोर्ट
वानखेड़े स्टेडियम की टेस्ट पिच भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप होती है।
- पहले दो दिन: बल्लेबाज़ी के लिए अनुकूल
- तीसरा दिन: तेज़ गेंदबाज़ों को सीम और रिवर्स स्विंग
- चौथा–पाँचवां दिन: गेंदबाज़ों को हल्की मदद
नतीजा:
टेस्ट क्रिकेट में यह पिच Balanced से Batting-Friendly मानी जाती है।
वानखेड़े स्टेडियम आँकड़े और रिकॉर्ड्स
| आँकड़े | IPL | T20I | वनडे | टेस्ट |
|---|---|---|---|---|
| कुल मैच | 123 | 13 | 37 | 29 |
| पहले बल्लेबाज़ी से जीते | 57 | 6 | 20 | 12 |
| पहले गेंदबाज़ी से जीते | 66 | 7 | 17 | 9 |
| औसत पहली पारी स्कोर | 170 | 178 | 255 | 331 |
| औसत दूसरी पारी स्कोर | 171 | 156 | 205 | 335 |
| औसत तीसरी पारी स्कोर | — | — | — | 206 |
| औसत चौथी पारी स्कोर | — | — | — | 108 |
| सर्वाधिक स्कोर | 235/1 | 247/9 | 438/4 | 631 |
| न्यूनतम स्कोर | 67 | 80 | 55 | 62 |
वानखेड़े स्टेडियम से जुड़े सवाल (FAQ)
वानखेड़े स्टेडियम में बाउंड्री कितनी लंबी होती है?
वानखेड़े स्टेडियम की बाउंड्री सामान्यतः 60 से 65 मीटर के बीच रहती है, जो बल्लेबाज़ों के लिए अनुकूल मानी जाती है।
वानखेड़े स्टेडियम बल्लेबाज़ी पिच है या गेंदबाज़ी पिच?
वानखेड़े स्टेडियम को आमतौर पर बल्लेबाज़ी के लिए बेहतरीन (Batting-Friendly) पिच माना जाता है। यहाँ तेज़ गेंदबाज़ों को नई गेंद से हल्की मदद मिलती है, लेकिन कुल मिलाकर रन बनाना आसान रहता है।
क्या वानखेड़े में टॉस अहम भूमिका निभाता है?
हाँ, खासकर नाइट मैचों में ओस के कारण टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करना अक्सर फायदेमंद साबित होता है।
वानखेड़े स्टेडियम मुंबई एक ऐसा मैदान है जहाँ रन, रोमांच और रिकॉर्ड देखने को मिलते हैं। यह पिच बल्लेबाज़ों के लिए स्वर्ग मानी जाती है, जबकि गेंदबाज़ों को यहाँ सफलता के लिए सटीक लाइन-लेंथ और रणनीति की ज़रूरत होती है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में यह मैदान अक्सर चेज़ करने वाली टीम के पक्ष में जाता है।


